क्यों गुरु रंधावा ने कक्षा सातवीं से ही लिखने शुरु कर दिए थे गाने, जानिए बर्थडे पर उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

गुरु रंधावा मिडल क्लास के लड़के की तरह एक साधारण जिंदगी जीते थे। वह हमेशा दिलजीत दोसांझ के गाने सुना करते थे। वह उनसे बहुत इंस्पायर थे और हमेशा से उनकी तरह ही बनना चाहते थे।गुरू रंधावा ने 7वी क्लास से ही गाने लिखने शुरू किए थे।

Bollywood Halchal Aug 30, 2020

30 अगस्त 1991 में पंजाब में गुरदासपुर शहर के नूरपुर गाँव में मिडल क्लास पंजाबी फैमली में जन्में गुरु रंधावा बचपन से ही सिन्गिग का शौक रखते थे। उनकी सिन्गिग के शौक से उनकी फैमली भी काभी वाकिफ़ थी इसीलिए आगे जाकर उनको फैमली का सपोर्ट मिला। गुरु रंधावा शुरुआती दौर से ही गायन में अपना भविष्य तलाशने लगे थे। उनकी सफलता का श्रेय उनकी लगन और परिवार के पूर्ण समर्थन को जाता है। 

गुरू रंधावा का प्रारम्भिक जीवन:

गुरु रंधावा मिडल क्लास के लड़के की तरह एक साधारण जिंदगी जीते थे। वह हमेशा दिलजीत दोसांझ के गाने सुना करते थे। वह उनसे बहुत इंस्पायर थे और हमेशा से उनकी तरह ही बनना चाहते थे।

गुरू रंधावा की शिक्षा:

गुरू रंधावा ने अपनी शुरुआत पढ़ाई गांव से की थी। इसके बाद वह साल 2009 में दिल्ली चले गए और यहाँ उन्होंने आईआईपीएम में एमबीए में एड्मिशन लिया था। 

गुरू रंधावा के जीवन के बदलाव का दौर:

गुरु रंधावा के जीवन में बदलाव तब आया जब उन्हें कॉलेज ट्रिप के लिए सिंगापुर और अमेरिका जाने का मौका मिला, वह चकाचौंध की दुनिया से बहुत प्रभावित थे। उन्होंने उसी खास दौर में ही स्टायलिश बनने और पैसा कमाने की मन में शपथ ले ली थी। गुरु रंधावा अपने हिट संकल्प और प्रभावकारी कदम की वज़ह से अपने हुनुर सिन्गिग पर ध्यान फोकस कर पाए। 

गुरू रंधावा का करियर:

गुरू रंधावा ने एमबीए कम्पलीट करने के बाद पंजाब आ गए और अपने सिन्गिग पर काम करने लगे और वर्क के दौरान ही उन्हें फॅमिली सपोर्ट भी मिला। उनका एल्बम 2013 में निकाला जिसका नाम 'पैग आन' था लेकिन यह एल्बम किए गए उम्मीदों के हिसाब से उतनी हिट नहीं रही। 2015 में उनका पंजाबी सान्ग 'पटोला', 'खाट', और 'आउटफिट' आई, जो सुपरहिट साबित हुए, इन गानों से गुरु रंधावा को खूब शोहरत हासिल हुआ था। 2016 में 'सूट', 'यार मोड दो', 'फ़ैशन' जैसे गाने एक बार फिर सुपर हिट रहे और लगातार दो साल की सक्सेस के बाद उनके लिए बॉलीवुड के दरवाजे खुल गये।

पहली बार साल 2017 में उन्हें 'हिन्दी मीडियम' फ़िल्म से इन्विटेशन आया और उन्होंने 'सूट-सूट' गाने को गाया, जो उस फ़िल्म से भी हिट हुआ। इन गानों के सफलतम कदम के बाद गुरु रंधावा स्टार बन चुके थे। इसके बाद 'हाई रेटेड गबरू', 'बन जा तू मेरी रानी', 'लाहौर' जैसे गानों ने उनके गानों की सफलता में चार चाँद लगा दिया। इन गानों की सफलतम कदम की शोहरत से रंधावा को उनकी मेहनत और कामयाबी का बेहतरीन उपहार मिला जिससे वह आज भी नए आयामों पर नई सोच के साथ नए गाने लेकर आते रहते हैं। 

गुरू रंधावा के बारे में दिलचस्प बातें:

1) गुरू रंधावा का असली नाम गुरशनरजोत सिंह रंधावा है।

2)गुरू रंधावा जब तीसरी क्लास में थे तब उन्होंने एक गाने की प्रतियोगिता में पांच गाने गाये थे और उस प्रतियोगिता में अच्छी परफॉरमेंस के लिए उनको तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था ।

3) गुरू रंधावा शुरू से ही पढ़ाई में बहुत अच्छे थे इसीलिए प्लस टू तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही वह दिल्ली आ गये और वहाँ से अपनी ग्रेजुएशन की।

4)गुरू रंधावा ने सातवी क्लास से ही गाने लिखने शुरू किए थे और काॅलेज की पढाई खत्म होने तक उन्होंने बहुत सारे गाने लिख चुके थे ।

5) गुरू रंधावा के फ़ेवरेट एक्टर अक्षय कुमार और फ़ेवरेट ऐक्ट्रेस माधुरी दीक्षित और सोनम कपूर है।

गुरू रंधावा की कन्टोवरसी:

गुरु रंधावा पर कनाडा के वैंकूवर में एक अज्ञात शख्स ने हमला किया था। दरअसल गुरु रंधावा एक कंसर्ट के चलते कनाडा में अलग-अलग जगहों पर थे और वैंकूवर में कंसर्ट खत्म होने के बाद उनपर धारदार हथियार से हमला हुआ था।



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